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अधिकांश गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡ की पथरी बिना किसी गंà¤à¥€à¤° समसà¥à¤¯à¤¾ के मूतà¥à¤° के साथ शरीर से बाहर निकल जाती है। कà¤à¥€-कà¤à¥€ किडनी सà¥à¤Ÿà¥‹à¤¨ यूरेटर में फंस सकता है, जो कि किडनी और बà¥à¤²à¥ˆà¤¡à¤° को जोड़ने वाली टà¥à¤¯à¥‚ब होती है। इसका परिणाम संà¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ रूप से गंà¤à¥€à¤°, यहां तक ​​कि जीवन-धमकी देने वाली जटिलताà¤à¤‚ à¤à¥€ हो सकती हैं, जैसे कि गà¥à¤°à¥à¤¦à¤¾ संकà¥à¤°à¤®à¤£ और गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡ की कà¥à¤·à¤¤à¤¿à¥¤ इसमें गंà¤à¥€à¤° कषà¥à¤Ÿà¤¦à¤¾à¤¯à¥€ दरà¥à¤¦ की लहरें à¤à¥€ उठतीं हैं जिसे 'वृकà¥à¤• शूल' कहा जाता है जो 20-60 मिनट तक रहता है। पेशाब करने में कठिनाई, मूतà¥à¤° में रकà¥à¤¤ या उलà¥à¤Ÿà¥€ हो सकती है। मूतà¥à¤° से रेत जैसे कठोर कण निकल सकते हैं। पथरी मूतà¥à¤° के रासà¥à¤¤à¥‡ में फंसा रह सकता है जिससे पेशाब करà¥à¤®à¥‡ में बाधा उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ होती है और दरà¥à¤¦ होता है।
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